लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे 400 सरपंच: भिंड में सामूहिक बैठक के बाद किया ऐलान, जानें बहिष्कार की मूल वजह ।

मध्य प्रदेश की 9 लोकसभा सीटों में 7 मई को तीसरे चरण में मतदान है। मतदान से चार दिन पहले पंचायत सरपंचों की नाराजगी सामने आई है। भिंड जिले के 400 सरपंचों ने शुक्रवार को बैठककर चुनाव के बहिस्कार का ऐलान किया है।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सरपंचों की बहिष्कार की घोषणा से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। बताया कि सीइओ मनमानी पर उतारू हैं। क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने दे रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर जिले के 400 सरपंच इटावा रोड स्थित मैरिज गार्डन में एकत्रित हुए और यहां लोकसभा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है।

चुनाव के बहिष्कार की मूल वजह
दरअसल, भिंड जिले के सरपंच जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे से नाराज हैं। उनका आरोप है कि जिला पंचायत CEO सरपंचों से दुर्व्यवहार करते हैं। पिछले दिनों सचिवों की बैठक में उन्होंने सरपंचों के लिए अपशब्द कहा था। सीईओ का बयान सार्वजनिक होने के बाद सरपंचों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने चुनाव में हिस्सा न लेने का भी ऐलान कर दिया।

विकास कार्य प्रभावित करने का आरोप
चुनाव के बहिष्कार का ऐलान करने वाले भिंड जिले तकरीबन 400 सरपंचों की शुक्रवार को इटावा रोड स्थित मैरिज गार्डन में बैठक हुई। इस दौरान सरपंचों ने जिला पंचायत CEO पर पंचायतों का विकास कार्य प्रभावित करने का आरोप लगाया है। साथ ही उनका तबादला किए जाने की मांग की है।

जनता के बीच जाकर जुटाएंगे समर्थन
सरपंचों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्वाचन आयोग यदि जिला पंचायत सीईओ का तबादला नहीं करता तो जिले के सभी सरपंच एकजुटता के साथ लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इतना ही नहीं, गांव में जनता के बीच जाकर वह इसे लिए समर्थन जुटाएंगे।

भिंड CEO ने सरपंचों को बताया चोर
भिंड जिले के एक सरपंच ने बताया कि जिपं सीईओ ने हम लोगों को चोर बोला है। वह कहते हैं कि सभी सरपंच भ्रष्ट और चोर हैं। यह बाद जिला पंचायत सीईओ ने सचिवों की मीटिंग में कही है। उनके इस बयान से हम सब आहत हैं। चुनाव आयोग ने उनका यहां से तबादला न किया तो हम वोट नहीं डालेंगे।

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