शादी के बाद एक बार भी पत्नी ने पति को नहीं लगाने दिया हाथ, अब हुआ ये फैसला

 

जबलपुर. तलाक के एक मामले को हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी। कोर्ट ने पत्नी का संबंध बनाने से इनकार करना पति के प्रति क्रूरता माना और तलाक मंजूर कर लिया। फैमिली कोर्ट के पूर्व के आदेश को चुनौती देने के मामले पर जस्टिस शील नागू और विनय सराफ की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने ये भी कहा कि पत्नी द्वारा अपने पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना मानसिक क्रूरता है और यह हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पति के लिए तलाक लेने का एक वैध आधार है।

भोपाल फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द
भोपाल फैमिली कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती की अपील पर सुनवाई कर दौरान याचिका कर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसकी शादी 2006 में हुई थी और तब से पत्नी ने हाथ नहीं लगाने दिया। शादी के बाद अमरीका जाने के दौरान भी संबंध बनाने से इनकार किया। बाद में परिवार पर पश्चिम बंगाल में दहेज प्रताडऩा का केस दर्ज करा दिया। बेंच ने कहा कि पत्नी के बिना कोई वैध कारण काफी समय तक शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने के एकतरफा निर्णय के कारण यह विवाह कभी पूर्ण रूप से संपन्न नहीं हो सका। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि पति के उक्त तर्क के बावजूद, पत्नी ने इसका विरोध नहीं किया और इसलिए, पति के तर्क या दलील को खारिज नहीं किया जा सकता है और इसे वैसे ही स्वीकार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने यह मानकर गलती की है कि पत्नी की ओर से शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना शादी को खत्म करने का आधार नहीं होगा। इसी के साथ कोर्ट ने 18 साल पुरानी शादी खत्म कर तलाक को मंजूरी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *