अयोध्या में पहली बार योगी सरकार की कैबिनेट बैठक​​:CM ने रामलला की आरती की; 4 साल पहले आज ही राममंदिर के पक्ष में फैसला आया था

रामलला के दर्शन के बाद योगी सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरयू होटल में लंच करने वाले हैं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कथा धाम में कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। योगी करीब 12.30 बजे कैबिनेट बैठक के बाद प्रेसवार्ता भी करेंगे।

दरअसल, 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे पहले योगी अयोध्या में कैबिनेट बैठक करके बड़ा संदेश दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 भी करीब है। बता दें कि 9 नवंबर 1989 को श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय में सालों तक चले राम जन्म भूमि विवाद का फैसला भी 9 नवंबर 2019 को ही श्रीरामलला के पक्ष में आया था।

अयोध्या में पहली कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के दर्शन-पूजन किया। साथ में, 18 कैबिनेट मंत्री भी मौजूद हैं। यहां योगी, अपने मंत्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बस में बैठकर पहुंचे थे। इस दौरान, खिड़की से हाथ हिलाकर उन्होंने अभिवादन स्वीकार किया। आज कैबिनेट बैठक में करीब 5 हजार करोड़ के 25 प्रस्ताव रखे जाने हैं।

2024 पर राष्ट्रवाद के एजेंडे को देंगे धार

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अयोध्या से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार दी जा रही है। कैबिनेट बैठक में अयोध्या सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के जरिए धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। कैबिनेट बैठक में अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी मिल सकती है। बैठक से पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि हमारे विभाग से जुड़ा हुआ अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।

अयोध्या में दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जय श्रीराम के उद्घोष के साथ राम की पैड़ी और चौधरी चरण सिंह के 51 घाटों पर दीयों को सजाने का काम शुरू हो गया है। शासन की ओर से तय 21 लाख दीये जलाए जाने का लक्ष्य है। इसको लेकर 25 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स 24 लाख दीयों को सजा रहे हैं। डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल के अनुसार, इस बार भी दीपोत्सव को भव्य बनाया जाएगा। दीपोत्सव में एक बार फिर विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे।

प्रयागराज और काशी के बाद अयोध्या में कैबिनेट बैठक
उत्तर प्रदेश के इतिहास में योगी आदित्यनाथ पहले मुख्यमंत्री हैं, जो प्रदेश की राजधानी के बाहर कैबिनेट की बैठक करते रहे हैं। वर्ष 2019 में कुम्भ मेला के दौरान प्रयागराज में भी मंत्रिपरिषद की बैठक की गयी थी। तब मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने संगम में पुण्य स्नान भी किया था। इसके अलावा काशी में भी कैबिनेट की बैठक हो चुकी है।

इसी कड़ी में अब भगवान श्रीरामलला की जन्मभूमि अयोध्या में योगी कैबिनेट की बैठक होगी। कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के दो दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के संयोजन में सभी प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तथा सूचना निदेशक भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे।

ये प्रस्ताव हो सकते हैं पास

  • अयोध्या के माझा जमथरा गांव में भारतीय मंदिर वस्तुकला संग्रहालय बनना है। इसके लिए 25 एकड़ भूमि दिए जाने का प्रस्ताव आ सकता है।
  • देवीपाटन धाम तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।
  • अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद की स्थापना का प्रस्ताव भी पास होने की संभावना है।
  • यूपी अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण के गठन का भी प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके जरिए अयोध्या को काशी होकर कोलकाता से जलमार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव है।
  • पर्यटन और विकास संबंधी 5 हजार करोड़ की योजनाओं पर मुहर लगने के आसार हैं।
  • मुजफ्फरनगर के शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।

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