संस्कारधानी में ठंड से बचने ओढ़ी पॉलिथीन:नर्मदा किनारे रहने वाले बेसहारा लोग छतरी के नीचे काट रहे ठंडी रातें

मध्यप्रदेश में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम यह है कि शाम होते-होते सर्दी के चलते सड़कों में सन्नाटा पसर जाता है। जबलपुर में भी ठंड का असर देखा जा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार की रात पारा 7.8 डिग्री तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में ठंड अपना और भी असर दिखाएगी। कड़ाके की ठंड में जबलपुर की कुछ ऐसी तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसे देखने के बाद आप भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि आखिर कैसे इतनी ठंड से ये अपनी जान बचा पाएंगे।

नर्मदा किनारे रहने वाले भिक्षु पॉलीथिन-छतरी के सहारे अपने आपको ठंड़ से बचा रहें है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन और नगर निगम के रेन बसेरा कहां है, जहां कि दावा किया जाता है कि हर गरीब और बेसहारा लोगों के लिए ठंड में ये खोले गए हैं।

हिमालय में हो रही बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है। जबलपुर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बुधवार की रात पारा 8 डिग्री के नीचे तक पहुंच गया। घर के अंदर लोग जहां दो-दो कंबल के सहारे अपने आपको ठंड से बचा रहें है, तो वही नर्मदा किनारे रहने वाले भिक्षु पॉलीथिन और छाते के सहारे ठंड से निपट रहें है। तिलवाराघाट-गौरीघाट के किनारे रहने वाले सैकड़ों भिक्षु की कुछ तस्वीरें हम आपको दिखा रहें है। जहां कि पॉलीथिन और छतरी के सहारे ये लोग रात गुजार रहे हैं।

स्थानीय पार्षद जीतू कटारे का कहना है कि नर्मदा किनारे की ये तस्वीर देख कर लगता है कि कैसे ये लोग जिंदा बच जाते है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबलपुर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सैकड़ों लोग सड़क किनारे खुले आसमान में जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा तो उनकी हालत खराब है जो कि नर्मदा घाट के किनारे रहते है। इनके पास न कंबल है, और न ही रजाई। ये लोग प्लास्टिक की पन्नी और छतरी के सहारे अपने आपको बचा रहें है। उन्होंने कहा कि नगर निगम दावा करती है कि शहर में अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन ये तस्वीर देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सच्चाई क्या है।

भाजपा पार्षद जीतू कटारे का कहना है कि नर्मदा किनारे तिलवारा घाट और गौरी घाट में सैकड़ो भिक्षु भगवान भरोसे जी रहें है। जिनके पास थोड़े कपड़े है, वो तो जैसे-तैसे उसे ओढ़े हुए है, वही कुछ लोग ऐसे भी है, जो कि पॉलीथिन या फिर छतरी के सहारे रात काट रहें है। इनकी इस हालत का जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन है। पार्षद का आरोप है कि निगम प्रशासन ने इनके लिए अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई है। इतना ही नही जो रेन बसेरा है उन तक भी उनको नहीं पहुंचाया गया है। पार्षद ने बताया है कि नगर निगम प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है, शायद उसके बाद ही गरीबों के लिए रेन बसेरा खुलेगें।

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि आगामी कुछ दिनों में ठंड और भी तीखी होगी। मौसम वैज्ञानिक देवेंद्र तिवारी का कहना है कि बुधवार को शहर का तापमान 7.6 डिग्री दर्ज किया गया है। जो कि सामान्य से तीन डिग्री कम है। उन्होंने बताया कि बीते दो-तीन दिनों से तापमान 8 डिग्री के नीचे है। जिसके कारण ठंड बढ़ी है। आगामी दो दिनों तक तापमान 10 के नीचे ही रहेगा। 22 दिसंबर के बाद जरूर पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में बढ़ोतरी होगी।

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