कमलनाथ राम मंदिर का श्रेय नहीं ले सकते:जब नरसिम्हाराव ने वहां मस्जिद बनाने की बात कही थी तब, संसद में विरोध क्यों नहीं किया

केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी की सीनियर लीडर मीनाक्षी लेखी ने भोपाल में बीजेपी के स्टेट मीडिया सेंटर में पत्रकारों से चर्चा की। लेखी ने कहा- मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषित उम्मीदवारों में से कई चेहरों को महिला विरोधी और महिलाओं पर उत्पीड़न करने वाला बताया।

कमलनाथ के छिंदवाड़ा में राम मंदिर पर दिए गए बयान “ये तो ऐसे राम मंदिर की बात कर रहे हैं जैसे ये भारतीय जनता पार्टी का मंदिर हो। राम मंदिर हमारे देश का मंदिर है। हमारे सनातन धर्म का बहुत बड़ा चिन्ह है। तो क्या ये मंदिर किसी पार्टी का है?” पर मीनाक्षी लेखी ने कहा- यह चुनावी समय आ गया है। कमलनाथ वह कांग्रेस का समय भूल गए। जिस समय कांग्रेस ने कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया था। कि राम काल्पनिक हैं। और सनातनियों के प्रति क्या-क्या बयान आए। तब कांग्रेस चुप थी। नरसिम्हा राव ने कहा था कि हम बाबरी मस्जिद को फिर से बनाएंगे। कमलनाथ से इन सब बातों का स्पष्टीकरण मांगना चाहिए कि आप किसके साथ हैं?

चुनावी समय आ गया इसलिए बयान से पलट गए

लेखी ने कहा- क्या यह चुनावी समय है इसलिए आपके बयान से पलट गए। क्योंकि जिसने जब यह कहा था कि हम वहां पर बाबरी मस्जिद बनाएंगे। कमलनाथ उस वक्त संसद में थे। तब उन्होंने उसका कोई विरोध नहीं किया था। जब हलफनामा दायर हुआ था। तब यही कमलनाथ कांग्रेस के नेता थे। तब इन्होंने विरोध नहीं किया था। आज जब भाजपा और नरेंद्र मोदी के रहते हुए इतना बड़ा काम करके दिखा दिया। मैं पब्लिकली यह बात कहना चाहता हूं। हम सब लोग चाहते थे कि राम मंदिर बने, 370 हटे। लेकिन, हमें भी अंदर से भरोसा नहीं था कि यह काम कब होगा? यह काम हुआ। इसलिए हमारी हिम्मत बढ़ी है। यह काम इसलिए संभव हुआ क्योंकि, नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री बना। और अगर राम मंदिर देश की जनता उम्मीद लगा कर बैठी है तो 22 जनवरी को वह राम मंदिर देश को समर्पित होगा। प्रधानमंत्री वहां पहुंचेंगे और भगवान राम वहां पर विराजमान होंगे। हम सब पूजा कर पाएंगे। यह सब कहीं ना कहीं नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री होने की वजह से हुआ है। इसका श्रेय कमलनाथ नहीं ले सकते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *