MP में आंधी, बारिश-ओले से फसलें तबाह:1-2 मार्च को फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम; भोपाल, इंदौर-जबलपुर समेत 46 जिलों में यलो अलर्ट

मध्यप्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में ओले-बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम ने फसलें तबाह कर दी हैं। सरकार ने इन जिलों में सर्वे भी शुरू कर दिया है, लेकिन किसानों की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं। मौसम केंद्र भोपाल ने 1 और 2 मार्च को फिर से बारिश, आंधी और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने का अनुमान जताया है। इसके लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कुल 46 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

इससे पहले मंगलवार को भोपाल, सतना, छिंदवाड़ा, उज्जैन, शाजापुर, बैतूल, रायसेन समेत 20 जिलों में आंधी चली फिर तेज बारिश हुई और ओले गिरे। सबसे ज्यादा छतरपुर जिले के नौगांव और सतना में एक इंच पानी गिरा। रीवा में पौन इंच, भोपाल, रायसेन और सीधी में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। रात में भी रुक-रुककर बारिश होती रही। भोपाल में आंधी की स्पीड 74 किमी, सीहोर में 48 किमी, शाजापुर में 43 किमी, सिंगरौली में 65

आकाशीय बिजली से तीन, पेड़ गिरने से एक की मौत

शहडोल जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो बच्चों की जान चली गई। सोहागपुर थाना इलाके के छतवई गांव में मनीषा बैगा (9) और गणेश बैगा (6) मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे लकड़ी बीन रहे थे। इसी बीच पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से दोनों बच्चों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर नैनावद गांव में भी एक महिला की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, भोपाल में एक युवक अनिवेश चौहान (27) की पेड़ गिरने से मौत हो गई। वह बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ा था।

फसलों का सर्वे करने के लिए आदेश

प्रदेश में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने खराब हुई फसलों का सर्वे करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान जो प्रभावित हुआ है, उसका सर्वे गंभीरता के साथ किया जाए। फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। सर्वे की मॉनिटरिंग करने के लिए सभी मंत्री, विधायक और सांसदों को भी कहा गया है।

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