खाद की किल्लत से परेशान किसान:सुबह से लग जाती है किसानों की लाइन, अधिकारी बोले की जा रही है व्यवस्था

पाटन के गुरु पिपरिया में डबल लॉक केंद्र बनाया गया है। जहां से किसानों को डीएपी बांटी जा रहीं है। पर कुछ ही किसानों को खाद मिल पा रहीं है। जिसको लेकर किसानों में खासा नाराजगी है। किसान सर्वेश कुमार का कहना है कि प्राइवेट में खाद मिल नहीं रहीं है, और सरकारी केंद्र में जितनी खाद है, वो किसानों को कम पड़ रहीं है। कई किसान सुबह चार बजे से लाइन में लग रहें है कि उन्हें खाद मिल जाए तो वो अपनी फसलों की बुआई कर सके। पर हर किसान को कृषि विभाग सिर्फ 5 बोरी खाद ही दे रहा है। जो कि बहुत कम है। किसानों का कहना है कि पहले सोसायटी के माध्यम से डीएपी खाद मिल जाती थी तो परेशानी नहीं थी, पर अब चालीस गांव के किसानों के लिए सिर्फ एक मात्र केंद्र गुरु पिपरिया में है, जहां सैकड़ों किसान खाद के लिए आ रहें है।

जबलपुर में किसान खाद की किल्लत से परेशान है। आलम यह है कि सुबह चार बजे से सैकड़ों किसान खाद के लिए लाइन में लग रहें है। पर डीएपी खाद मिलती कुछ ही किसानों को। कृषि अधिकारी का कहना है कि जितनी खाद आ रहीं है। उतनी बांटी जा रहीं है। सबसे ज्यादा अगर किसान कहीं परेशान है, तो वह क्षेत्र है पाटन जहां किसानों को खाद के लिए ठंड में परेशान होना पड़ रहा है। खाद ना मिलने के कारण किसानों की बोनी भी प्रभावित हों रहीं है। किसानों की मांग है कि सरकार पर्याप्त व्यवस्था करें खाद की, जिससे कि हम समय पर अपनी फसलों की बुआई कर सकें। पाटन के ग्राम गुरु पिपरिया में रोजाना सुबह से किसानों की खाद के लिए लाइन लग रहीं है।

महुआखेड़ा गांव के किसान विवेक पटेल का कहना है कि बीतें दो माह से डीएपी खाद के लिए हम परेशान हों रहें है। हम किसानों की भीड़ को देखकर प्रशासन कह रहा है कि धारा 144 लगी हुई है, भीड़ मत लगाओ नहीं तो गोली मार देंगे। किसानों का कहना है कि अगर धारा 144 लगी है तो हम लोगों को क्यो बुलाया जा रहा है। प्रशासन हमें डरा रहा है, ऐसे में किसान करें तो क्या करें। अब तो एक ही रास्ता बचता है, कि आत्महत्या कर ले। बोनी का समय है, इसके बाद भी किसानों को अगर खाद नहीं मिल रहीं है तो फिर कहें कि सरकार।

सरकंडी गांव से आए किसान रामकुमार ने बताया कि हम दो दिन से सुबह चार बजे खाद केंद्र आ रहें है, पर खाद मिलती नहीं है। रामकुमार ने बताया कि कर्ज लेकर खेती करनी थी। तैयारी पूरी थी, पर खाद ना मिल पाने के कारण बुआई नही हों पा रहीं है। किसान सुबह चार बजे से लाइन लगाए बैठा हुआ है। पर हमारी सुनवाई नहीं हों रहीं है। किसान सोकर उठा और सीधे यहां खाद लेने आ गया। अब किसी को खाद मिल जाती है, तो किसी को नहीं मिलती। खाद को लेकर विवाद की स्थिति भी दो-तीन दिन से बन रही है इसलिए अब यहां पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।

उपसंचालक कृषि रवि आम्रवंशी का कहना है कि हाल ही में एक रैक 2200 मेट्रिक टन का आया था। उसमें 30% प्राइवेट तो 70% सरकारी केंद्रों में दिया गया है। उप संचालक का कहना है कि डीएपी खाद की डिमांड ज्यादा होती है इस वजह से किसानों को थोड़ी सी परेशानी हो रही है लेकिन उसके साथ-साथ दूसरी खाद भी रखी गई है। अभी 2200 मेट्रिक टन खाद मिली है उसे जिले की सभी 67 सोसाइटी में भिजवाया गया है। इसके अलावा फिर से खाद की मांग की गई है जल्द ही 2200 मेट्रिक टन खाद का रेक जबलपुर आने वाला है।

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