32 साल के बेटे को पिता ने बताई ऐसी सच्चाई, सुनकर खिसक गई पैरों तले जमीन!

गुजरात के आणंद में 32 साल का एक शख्स अपने माता-पिता को ढूंढने निकला है. दरअसल, उसको पता चला है कि जन्म के समय आणंद अस्पताल के एक डॉक्टर ने उसे दूसरे के हाथ बेच दिया था. जो लोग बचपन से उसकी देखभाल कर रहे हैं वो उसके असली माता-पिता नहीं है. शख्स ने आणंद अस्पताल पहुंचकर छानबीन की है. ज्यादा कुछ पता नहीं चलने पर उसने CMO, गृह विभाग और राज्यपाल को अर्जी देकर मदद की गुहार लगाई है.

शख्स ने बाल तस्करी के आरोप में डॉक्टर को सजा दिलाने की मांग की है. साथ ही जन्म देने वाले माता-पिता को ढूंढ निकालने की अपील की है. फिलहाल, आणंद टाउन पुलिस ने उसकी अर्जी के आधार पर पूछताछ शुरू कर दी है.

आइए जानते हैं पूरा मामला

बता दें कि 32 वर्षीय शख्स का नाम केवल केदार जोशी है. वो मूल रूप से खेड़ा जिले के नडियाद के रहने वाले हैं. जोशी ट्रैवल व्यवसाय से जुड़े हैं. उनके पिता केदार जोशी 2019 में जब कोरोना काल चल रहा था तभी कोरोनाग्रस्त हो गए थे. इसी दौरान उन्होंने केवल को बताया कि वो उनका गोद लिया बेटा है.

केदार जोशी ने बताया कि 14 साल से उनके संतान नहीं हो रही थी. तभी आणंद के होम्योपैथिक डॉक्टर कनू नायक से केवल को गोद लिया था. ये बात सुनते ही केवल के पैरों तले जमीन खिसक गई और वो अपने जन्म देने वाले माता-पिता को ढूंढने के लिए निकल पड़े. वो उस डॉक्टर की भी तलाश में जुट गए जिसने उन्हें बेचा था. ताकि उसको सजा दिलाई जा सके. इसके लिए केवल ने कई जासूसी फिल्में देखीं. पत्नी की भी मदद ली.

आरोपी डॉक्टर

हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी केवल जोशी अपने असली माता-पिता तक नहीं पहुंच सके. ऐसे में उन्होंने डॉक्टर कनू नायक के खिलाफ बाल तस्करी का केस रजिस्टर करवाने और पैरेंट्स को ढूंढने के लिए CMO (मुख्यमंत्री ऑफ़िस) में गुहार लगाई है. केवल ने CMO, गृह विभाग और राज्यपाल तक को ऑनलाइन अर्जी दी है, जिसके बाद आणंद पुलिस ने केस की जांच पड़ताल शुरू की है.

केवल की अर्जी के मुताबिक, आणंद के होम्योपैथिक डॉक्टर कनू नायक ने उसको पैसे लेकर बेच दिया था. केदार जोशी और हेमलता जोशी की शादी के 14 वर्ष बाद भी बच्चा नहीं हो रहा था इसलिए उन्होंने केवल को खरीद लिया. केवल ने दावा किया कि 1991 में उसे 7000 रुपये में खरीदा गया था.

बकौल केवल- इन सबमें पड़ोसी ज्योति बेन ने मदद की थी क्योंकि तब वो चिराग अस्पताल में काम कर रही थी. डॉक्टर तक पहुंचाने की तमाम भूमिका उनकी मामी गीता देवी ने निभाई थी. क्योंकि मामी की पड़ोसी ज्योति से दोस्ती थी. उन्होंने मेरे माता-पिता से बताया कि चिराग अस्पताल में ऐसे कई बच्चे आते हैं जिन्हें जन्म के बाद कुछ लोग छोड़कर चले जाते हैं. उन बच्चों को डॉक्टर कनू नायक उस दंपति को दे देते हैं, जिनके संतान नहीं होती.

केवल ने बताया कि इसी दौरान जब वो महज 5 दिन का था तभी उसका सौदा कर दिया गया. इसके लिए उसने कई कथित सबूत पेश किए हैं. केवल ने यह भी कहा कि जब उसे बेचा जा रहा था तो खरीदने वाले को बताया गया कि बच्चे को जन्म देने वाले माता-पिता का देहांत हो चुका है.

डॉक्टर तक कैसे पहुंचा शख्स 

केवल केदार जोशी ने डॉक्टर तक पहुंचने के लिए अपनी पत्नी की भी मदद ली थी. इतना ही नहीं केवल ने बहुत सारी क्राइम फिल्म और सीरीज भी देखी थी. केवल ने कहा कि जब मैं अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा तो उसे बताया कि पत्नी को संतान नहीं हो रही है, कोई उपाय बताएं, पैसे की चिंता ना करें. इस पर डॉक्टर ने कहा कि उसे बच्चा खरीद लेना चाहिए. इस दौरान डॉक्टर ने 30 साल पहले की एक घटना का जिक्र किया जो केवल के बारे में ही थी.

इस संबंध में आणंद सिटी पुलिस स्टेशन के अधिकारी एच आर ब्रह्मभट्ट ने कहा कि केवल जोशी के पिता ने 2019 में उसको पूरी बात बताई थी. फिलहाल, पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत प्राप्त हुई है. जांच जारी है. घटना 30-32 साल पहले की है ऐसे में कुछ सबूत मिलने की संभावना नगण्य है. डीएनए जांच करानी पड़ सकती है. फिलहाल पूरे मामले में बयान लेने की प्रक्रिया जारी है.

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