पहले लव मैरिज, फिर सास का मर्डर, 28 वर्षों तक रहा फरार

कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं. यदि कानून के कर्णधार ठान ले तो शातिर से शातिर अपराधी को पानी पिला सकते हैं. उनकी गिरेबां पकड़कर खींचते हुए सलाखों के पीछे लाकर खड़े कर सकते हैं. बस इसके लिए पुलिस की सजगता और अपराध को खत्म करने के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है. कुछ ऐसा ही मामला तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सामने आया है. यहां पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो कि पिछले 28 वर्षों से चकमा दे रहा था.

पुलिस के पास सुराग के नाम पर आरोपी की एक ब्लैक एंड व्हाइट धुंधली तस्वीर थी. उसके सिर पर एक तरफ अपनी सास की हत्या का आरोप था, तो दूसरी तरफ अपनी पत्नी और साले के ऊपर जानलेवा हमले करने का. इस वारदात को अंजाम देने के बाद वो मौके से फरार हो गया. इसके बाद तत्कालीन पुलिस टीम ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन जब मिला नहीं तो उसे भगोड़ा साबित कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर ली. लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम हरिहर पट्टा जोशी है. वो ओडिशा के गंजम जिले के बेरहामपुर का मूल निवासी है. साल 1993 में वो अपने एक रिश्तेदार के साथ चेन्नई आया था. यहां एक प्रेस में काम करता था. इसी दौरान एक कंपनी में टेलीमार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत इंदिरा से उसे प्यार हो गया. दोनों का प्यार जब परवान चढ़ा तो परिजनों की इच्छा के खिलाफ साल 1994 में शादी कर ली. लेकिन उनकी शादीशुदा जिंदगी बहुत जल्द बर्बादी की कगार पर पहुंच गई.

हरिहर और इंदिरा के बीच आए दिन झगड़ा होता था. रिश्तों में तनाव इस कदर बढ़ गया कि पत्नी नाराज होकर अपने मायके चली गई. पति ने उसे वापस लाने की कोशिश भी की तो ससुराल के लोग आड़े आ गए. खासकर सास रमा अपनी बेटी को वापस जाने के रास्ते में रोड़ा बन गई. ये बात हरिहर को नागवार गुजरी. 9 अगस्त 1995 को वो ससुराल पहुंचा. सबसे पहले अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला किया. बीच बचाव करने आई सास को चाकू के वार से मौत की नींद सुला दिया.

 

इसी दौरान उसका साला कार्तिक भी आ गया. उसने उसके ऊपर भी हमला किया. लेकिन साले के विरोध को वो बहुत देर तक सह नहीं पाया और मौके से फरार हो गया. आरोपी की पत्नी और साले की तहरीर पर अदंबक्कम पुलिस स्टेशन में हत्या का केस दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी. साल 1996 से 2006 के बीच पुलिस की टीम ने कई बार आरोपी के मूल स्थान ओडिशा के गंजम जिले का दौरा किया, लेकिन वो हर बार चकमा देकर पुलिस से बचता रहा.

इसके बाद पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया. लेकिन 28 साल बाद पुलिस स्टेशन में जब अनसुलझे मामलों की ऑडिट हुई तो इस केस की फाइल भी खोली गई. एक बार फिर पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई, जिसे आरोपी को पकड़ने के लिए प्रयास करने के लिए कहा गया. एसआई कन्नन के नेतृत्व में विशेष टीम हरिहर पट्टा जोशी की एक धुंधली ब्लैक एंड व्हाइट फोटो लेकर ओडिशा गई, जो उसके 22 साल के उम्र में ली गई थी. निश्चित रूप से इस दौरान उसकी सूरत बदल गई थी.

ओडिशा के गंजम जिले के एसपी सरवनन विवेक और स्थानीय पुलिस के समन्वय से चेन्नई पुलिस की स्पेशल टीम ने करीब दो सप्ताह तक राज्य में डेरा डाला. कई जगहों पर जाकर पूछताछ की गई. इस तरह लगातार प्रयास के बाद 28 वर्षों से फरार आरोपी हरिहर जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया. पहली पत्नी से भागने के बाद उसने बेहरामपुर की एक अन्य महिला से शादी कर ली थी और उसके साथ मजे रह रहा था. इस दौरान उसका वजन भी काफी बढ़ गया, जिससे पहचान में दिक्कत आई.

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