वेयरहाउस ब्लैकलिस्ट मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई:याचिकाकर्ता ने बताया शासन की एकपक्षीय कार्रवाई, सरकार को देना होगा एक माह में जवाब

मध्य प्रदेश वेयरहाउस लॉजिस्टिक कार्पोरेशन ने जबलपुर जिले के 100 से अधिक वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। वेयरहाउस कार्पोरेशन का कहना है कि वेयरहाउस में नियम के मुताबिक रखरखाव और दवाई की व्यवस्था नहीं है, लिहाजा जांच के दौरान जबलपुर में 100 से अधिक वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। सरकार की इस कार्रवाई को लेकर वेयरहाउस संचालक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की, जहां MPWCL ने ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए। हाईकोर्ट ने पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट एक माह में मांगी है।

दरअसल स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने बीते साल अनाज भण्डारण में व्यवधान पैदा करने वाले 100 से ज्यादा वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट करने के नोटिस जारी किए थे जिन्हें आगामी गेहूं खरीदी के बाद भण्डारण के लिए अपात्र किया जा रहा था। वेयरहाउस संचालकों ने इसे एक पक्षीय कार्रवाई बताते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि फिलहाल वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो आगे बिना नोटिस दिए वेयर हाउस पर कोई एक पक्षीय कार्यवाही ना करे।

वेयर हाउस संचालकों की तरफ से हाईकोर्ट में यह याचिका जबलपुर निवासी सुरभि अवस्थी के द्वारा लगाई गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि वेयरहाउस लॉजिस्टिक कार्पोरेशन ने बिना किसी ठोस वजह बताए ही एक तरफा कार्रवाई की और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। हाईकोर्ट को बताया गया कि शासन की तरफ से कार्रवाई के दौरान ना ही किसी प्रकार का नोटिस दिया गया और न ही जानकारी। अचानक ब्लैकलिस्ट की सूची जारी कर दी गई। याचिकाकर्ता के सवाल पर शासन ने बताया कि कार्रवाई की अनुशंसा एफडीआई की तरफ से की गई है।

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