विवेक झरिया हत्याकांड का ऐतिहासिक फैसला:जिला एससी/एसटी की कोर्ट ने 9 आरोपियों को सुनाई उम्र कैद की सजा

महज मामूली रूप से हुए विवाद को लेकर 9 लोगो ने जून 2021में पांच युवकों पर लाठी, राड, बेसबाल से प्राण घातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना में विवेक झारिया की मौत हों गई थी, जबकि नितिन, रंजीत, आकाश एवं वैभव को गंभीर चोट आई थी। सभी को इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया था। गढ़ा थाना पुलिस ने इस जघन्य वारदात में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। बहुचर्चित विवेक झारिया हत्याकांड में 23 दिसंबर को न्यायाधीश गिरीश दीक्षित (एससी/एसटी) ने 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने 23 दिसंबर 2023 को सुनाए फैसले में आरोपी सचिन चक्रवर्ती, नितिन चक्रवर्ती, गोपाल चक्रवर्ती, करन चक्रवर्ती, अम्मू उर्फ दयाशंकर, रंजीत चक्रवर्ती, विक्की उर्फ अरुण चक्रवर्ती, तरुण चक्रवर्ती उर्फ गोलू, संतोष चक्रवर्ती को धारा 302/149 मे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 2000-2000 रू अर्थदण्ड से भी दंडित किया है।

06.06.2021 की रात को 11 बजे आम रोड नऊआ नाला के पास आरोपी सचिन चक्रवर्ती, नितिन चक्रवर्ती, गोपाल चक्रवर्ती, करन चक्रवर्ती, अम्मू उर्फ दयाशंकर, रंजीत चक्रवर्ती, विक्की उर्फ अरुण चक्रवर्ती, तरुण चक्रवर्ती उर्फ गोलू, संतोष चक्रवर्ती ने मिलकर पुराने विवाद को लेकर तलवार, लोहे की राॅड, लाठी, काकंरीट के पत्थर और बेसबाल के डंडे से मारपीट कर विवेक झारिया की हत्या कर दी, जबकि नितिन चक्रवर्ती, आकाश पटेल, वैभव पटेल एवं रंजीत सिंह को गंभीर चोट आई थी। गढा थाना पुलिस ने धारा 147,148,149,323,324,307,302,34 भादवि, 25 आर्म्‍स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया और कोर्ट में प्रस्तुत किया था।

उप-संचालक(अभियोजन) विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में नविता पिल्लै विशेष लोक अभियोजक के द्वारा मामले में पैरवी की थी। एडीपीओ अरूण प्रभा भारद्वाज के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

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