खाते समय बुजुर्ग के गले में फंस गया ‘जिंदा’ ऑक्टोपस, रुकने लगी हृदय की गति

जिंदा’ ऑक्टोपस खाते समय गले में फंसने से एक वृद्ध की मौत हो गई। ‘इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के दक्षिणी शहर ग्वांगजू में सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक ऑक्टोपस है। यह ‘डिश’ स्थानीय रेस्तरां में भी उपलब्ध है। इस व्यंजन को ‘सनकजी’ कहा जाता है। इस खास व्यंजन को बनाने के लिए ऑक्टोपस के छोटे टुकड़ों पर नमक और तिल का तेल से सीजनिंग कर परोसा जाता है।

‘इंडिपेंडेंट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्वांगजू के एक रेस्तरां में एक बुजुर्ग व्यक्ति खाना खाने गया। रेस्तरां में बुजुर्ग ने ‘सनकजी’ का ऑर्डर दिया। जैसे ही उसने खाना शुरू किया, ऑक्टोपस उसके गले में फंस गया। रेस्तरां अधिकारियों ने तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सूचित किया। खबर पाकर डॉक्टर मौके पर आए। लेकिन उसी समय वह बूढ़ा व्यक्ति के हृदय की गति रुकने लगी जिसके कारण वह बेहोश हो गया।

मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के जरिए बुजुर्ग को बचाने की कोशिश की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह पहली बार नहीं है जब जिंदा ऑक्टोपस खाने के दौरान मौत के मामले सामने आए हों। कोरिया हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 2007 और 2012 के बीच तीन लोगों की मौत हो गई। दो की 2013 में और एक की 2019 में मौत हो गई। हालांकि, इस डिश का नाम ‘सनकजी’ या ‘लाइव ऑक्टोपस’ है, लेकिन परोसने से पहले ऑक्टोपस को टुकड़ों में काट दिया जाता है। लेकिन काटने के तुरंत बाद उन्हें परोसने से वे गले में चिपक जाते हैं क्योंकि ऑक्टोपस की सूंड में नसें अभी भी सक्रिय होती हैं। परिणामस्वरूप अक्सर दम घुटने से मौत हो जाती है।

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