JABALPUR NEWS:- नए रूप में नजर आएगी ऐतिहासिक रॉयल होटल

जबलपुर. 19वीं शताब्दी की ऐतिहासिक राॅयल होटल को जल्द नया स्वरूप मिलेगा। अभी यह वीरान पड़ी है जबकि पहले शान का प्रतीक हुआ करती थी। राजस्व विभाग के नाम पर दर्ज इस भूमि को मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग मांग रहा था। यह प्रकरण जिला और संभागीय नजूल निर्वर्तन समिति के विचाराधीन था। अब जिला प्रशासन की तरफ से कलेक्टर ने इसका आवंटन कर दिया है।

पुराने आरटीओ भवन के सामने िस्थत यह होटल संरक्षित घोषित की गई थी। इससे पहले पर्यटन विभाग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को भूमि आवंटन के संबंध में पत्र लिखा था। इसमें होटल और उससे लगी भूमि को विभाग को हस्तांतरित करने के लिए कहा गया था। इस पर एसडीएम रांझी की तरफ से प्रतिवेदन भी दिया गया था। इसके बाद एक लाख 52 हजार 207 वर्गफीट में से नजरी नक्शा के अनुसार राॅयल होटल और उससे लगी हुई 46 हजार 500 वर्गफीट भूमि मध्यप्रदेश विद्युत मंडल रामपुर से कम करते हुए पर्यटन विभाग को आवंटित करने का प्रस्ताव जिला नजूल निर्वर्तन समिति को भेजा था।

संभागीय समिति ने किया था अमान्य

यह प्रकरण बाद में संभागीय निर्वर्तन समिति के पास आया। परीक्षण के उपरांत इस प्रस्ताव को अमान्य कर दिया गया था। इसके खिलाफ पर्यटन विभाग ने अपील की थी। इसके बाद पुन: संभागीय नजूल निर्वर्तमान समिति की बैठक गत अक्टूबर को आयोजित की गई। समिति ने अपने पूर्व के आदेश को निरस्त करते हुए राजस्व विभाग के नाम की यह जमीन पर्यटन विभाग को आवंटित कर दी। आवंटन के लिए कुछ शर्तों को रखा गया है। इस जमीन के बदले में प्रीमियम और प्रब्याजी नहीं लिया गया।

होटल में भारतीयों के प्रवेश पर थी रोक

यह होटल अंग्रेजों के ऐशो-आराम की जगह माना जाता था। इसमें किसी भी भारतीय के प्रवेश पर रोक थी। बताया जाता है कि इस भव्य भवन का निर्माण राजा गोकुलदास ने ईसवी सन 1839-1908 में करया था। उन्होंने इसे अपनी नातिन को भेंट के रूप में दे दिया था। बाद में इस भवन को अंग्रेजों के जरिए रॉयल होटल समूह को बेच दिया था।

यूरोपीय स्थापत्य कला की दिखती है झलक

यह बेहद आकर्षक होटल है। जब इसका निर्माण कराया गया था तब लोग इसे देखने के लिए आते थे। इसकी बनावट में यूरोपीय स्थापत्य की कला झलकती है। जानकारों का कहना है कि यह चांद्रिक भूविन्यास पर आधारित है। इसके चांद्रिक भाग को मेहराब और युग्म स्तम्भों की योजना से बरामदे का निर्माण किया गया। ज्ञात हो कि भवन के सामने भव्य प्रवेशद्वार है। इसके दोनों तरफ शेर की मूर्तियां आकर्षक बनाती हैं। बाहर से इस होटल को देखने की जिज्ञासा अभी लोगों को रहती है।

शूटिंग के लिए होता है उपयोग

फोटोग्राफी के शौकीन इस होटल की तस्वीरें लेने में चूकते। कुछ छोटी फिल्मों की शूटिंग भी यहां आमतौर पर होती रहती हैं। इसी प्रकार शादियों के लिए भी वर और वधु प्री-वेडिंग शूटिंग के लिए यहां आते हैं। यह होटल जितना बाहर से आकर्षक् दिखता है, उतना ही भीतर भी है। बडे़ हॉल के साथ ही कमरे हैं। इनका उपयेाग अंग्रेज करते थे।

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