जबलपुर पुलिस ने निकाला गैंगस्टर का जुलूस, तीन महीने शहर-जंगल में काटी फरारी, सात जिलों में घूमा

जबलपुर पुलिस ने गैंगस्टर छोटू चौबे को गिरफ्तार कर उसका जुलूस निकाला। अपने ही जिगरी दोस्त की हत्या करने के मामले में छोटू तीन महीने से फरार था। मंगलवार को टीकमगढ़ के गांव से उसे पकड़ा गया। वह पिछले 15 दिन से यहां पर छिपकर रह रहा था।

जबलपुर पुलिस ने टीकमगढ़ पुलिस के साथ मिलकर इनामी गैंगस्टर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के लिए दो दिन का समय पुलिस ने लिया है।

महज 18 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में उतर कर जबलपुर सहित आसपास के जिलों में छोटू चौबे की गैंग का अच्छा खासा दखल हो गया। 28 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते छोटू के खिलाफ जबलपुर सहित आसपास के जिलों में 28 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हो गए।

1 दिसंबर को की थी हत्या

छोटू ने 1 दिसंबर 2023 को अपने दो साथी के साथ मिलकर अनिराज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अनुश्रेय राय (18) और कामरान अली (30) को गिरफ्तार कर लिया था। छोटू चौबे (29) उर्फ सुयश अपने साथी मोहम्मद आदिल (25) फरार था। मामले में छोटे और आदिल पर पुलिस ने 10-10 हजार का इनाम भी घोषित किया है।

पुलिस के मुताबिक बीते 3 माह के भीतर छोटू चौबे ने सात जिलों में फरारी काटी। वह अपने साथियों के साथ सीधे इंदौर गया, जहां उसने 10 दिन तक शहर की अलग-अलग होटल में फरारी काटी। इसके बाद अनुश्रेय और कामरान इंदौर से जबलपुर तरफ आ गए, जबकि छोटू अकेला ही मुबंई के लिए रवाना हो गया। आदिल अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

भेष बदलकर घूमता था मुंबई में

छोटू ने मुंबई पहुंचने के बाद अपना भेष बदल लिया। मुंबई में छोटू बड़ी हुई दाढ़ी, सिर पर पगड़ी पहनकर घूमता था। मुंबई में करीब एक माह तक रुकने के दौरान हर एक सप्ताह में अलग-अलग जगह बदलता रहता। इंदौर के अलावा मुंबई, दिल्ली, सागर, भोपाल और टीकमगढ़ में फरारी काटी थी।

वॉट्सऐप और इंस्टा से करता था बात

अपने साथियों से जब कभी भी छोटू बात करता तो वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर बात करता। टीकमगढ़ में छोटू चौबे बीते 15 दिन से रह रहा था। फरारी काटने के लिए छोटू चौबे ने एक ऐसे गांव को चुना, जहां आबादी कम थी और शहर से कोसों दूर था। जिस गांव के बाहर छोटू फारारी काट रहा था, वहां पर अक्सर सिग्नल की समस्या भी होती थी, लिहाजा मोबाइल पर बात करने के लिए वह गांव में आता बात करता और फिर वहीं चले जाता जहां पर कि वह रुका हुआ था।

जंगल के किनारे कमरा लेकर रह रहा था छोटू

गैंगस्टर छोटू चौबे 15 दिनों से खरगूपुरा गांव के पास एक जंगल के किनारे छोटे से कमरे में रह रहा था। जिस जगह छोटू छिपा था उसके पीछे जंगल था जबकि सामने एक बड़ा सा मैदान। जिस जगह पर छोटू चौबे रह रहा था, वहां तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं था। इस बीच जबलपुर एसपी आदित्य प्रताप सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि छोटू चौबे खरगूपुरा में छिपा हुआ है। एसपी के निर्देश पर एएसपी समर वर्मा, थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार सहित 10 लोगों की टीम टीकमगढ़ पहुंची, और स्थानीय पुलिस की मदद लेते हुए घेरकर छोटू चौबे को पकड़ लिया। छोटू की गिरफ्तारी के समय पुलिस को यह भी आशंका थी कि कहीं उसके पास पिस्टल न हो, इसके बाद भी उसे घेरा और गिरफ्तार किया।

सबसे बड़ा गैंगस्टर बनने का था सपना

छोटू चौबे को जबलपुर का सबसे बड़ा गैंगस्टर बनना था। छोटू का दोस्त अनिराज उर्फ अन्ना उसका राइट हैंड हुआ करता था। अपराध की दुनिया में अनिराज का कद छोटू के मुकाबले तेजी से बढ़ने लगा। कारण- उसे अच्छी कद-काठी का भी फायदा मिला। इधर, अनिराज ने भी अलग गैंग बनाना शुरू कर दिया था। यही बात छोटू चौबे को खटकने लगी। उसे लगा कि अगर अनिराज आगे बढ़ गया, तो उसका वर्चस्व खत्म हो जाएगा। 3 नवंबर को संपत्ति को लेकर दोनों में फोन पर जमकर बहस भी हुई थी। इसके बाद छोटू ने अनिराज को रास्ते से हटाने का तय कर लिया। 1 दिसंबर 2023 को छोटू चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोली मारकर अनिराज की हत्या कर दी और फिर फरार हो गए। छोटू के खिलाफ ओमती, मदनमहल, कोतवाली, विजयनगर, गोरखपुर, गढ़ा समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हैं। छोटू हमेशा दो से तीन पिस्टल लेकर चलता है।

पुलिस का रहे खौफ-निकाला जुलूस

जबलपुर पुलिस ने टीकमगढ़ से 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को जबलपुर लेकर पहुंची। पुलिस ने घंटाघर से जिला कोर्ट तक गैंगस्टर का जुलूस निकाला। जबलपुर एसपी ने दैनिक भास्कर को बताया कि छोटू चौबे को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड में लिया है। एसपी कहना है कि पुलिस अब यह जानकारी जुटाने में लगी हुई है कि छोटू चौबे की गैंग में और कौन-कौन है। पुलिस छोटू चौबे से अभी तक वो पिस्टल भी जब्त नहीं कर पाई है, जिससे कि उसने अनिराज की गोली मारकर हत्या की थी।

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