कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा में चले लात-घूंसे:- समझाइश पर भी नहीं माने

छतरपुर जिले में जन आक्रोश यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव भी मौके पर मौजूद थे। वे मंच से लगातार समझाइश देते रहे लेकिन इसका नेताओं पर कोई असर नहीं हुआ। मारपीट में कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं, हालांकि अभी तक कोई भी घायल थाने या स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचा है।

मामला राजनगर विधानसभा क्षेत्र का है। यहां जन आक्रोश यात्रा के बाद थाने के सामने सभा का आयोजन किया गया था। जैसे ही यात्रा यहां आकर रुकी, विधायक विक्रम सिंह नातीराजा के समर्थक उनके पक्ष में नारे लगाने लगे। इसे देखकर पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा के समर्थक उनके पुत्र सिद्धार्थ शंकर बुंदेला के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। दोनों गुटों के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लिए हुए थे। विवाद बढ़ा तो इन्हीं झंडों के डंडों और तख्तियों से एक-दूसरे को पीटने लगे। लात-घूंसे भी चलाए गए।

गुटबाजी को लेकर अरुण बोले- विवाद होना नेचुरल है

शनिवार को कांग्रेस ने खजुराहो में प्रेस कांग्रेस की। अरुण यादव ने गुटबाजी को लेकर कहा, ‘विवाद होना नेचुरल है, हर पार्टी में होता है। यह अपने बीच के लोग हैं हम चर्चा करेंगे उनसे। हमें पूरा विश्वास है कि छतरपुर ही नहीं पूरे मध्य प्रदेश में जो साथी टिकट की इच्छा रखते हैं, उन्हें संगठन में और सरकार आने के बाद किसी पद पर एडजस्ट करने का प्रयास किया जाएगा।

जन आक्रोश यात्रा में मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक के समर्थक आपस में भिड़ गए।
जन आक्रोश यात्रा में मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक के समर्थक आपस में भिड़ गए।

विधायक पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

विवाद की वजह को लेकर सिद्धार्थ शंकर बुंदेला ने कहा, ‘हमें जानकारी लगी थी कि निजी कार्यक्रम है, जिसके चलते हम नहीं गए। विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता अरुण यादव जी के सामने अपनी बात रखना चाहते थे। वे टिकट को लेकर भी नेतृत्व तक अपनी राय पहुंचाना चाहते थे। लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने धक्कामुक्की और अभद्रता की। इससे बात बढ़ी। हालांकि, कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हमारे समर्थकों ने नरमी का रुख बनाए रखा।’

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक विक्रम सिंह कार्यकर्ताओं की भावना का कोई ध्यान नहीं रख रहे हैं। फील्ड में घूम-घूमकर पार्टी का काम करने वाले कार्यकर्ताओं पर भाजपा झूठे केस लगवाती है और वे निष्क्रिय बने हुए हैं। ये लोग वही हैं, जिन्होंने बीते चुनाव में विक्रम सिंह को जीत दिलाई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *