नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल के चुनाव लडऩे पर संशय, मौका देखते ही वापस लेंगे नामांकन

जबलपुर। भाजपा नेता और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल ने उत्तरविधानसभा से निर्दलीय चुनाव लडऩे का भले ही ऐलान कर दिया है परंतु राजनीतिक क्षेत्रों में कुछ अलग ही चर्चाएं है। कहा जा रहा है कि नेताप्रतिपक्ष ने बगावती तेवर दिखाने और पार्टी में उच्च स्थान पाने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार बनने का फैसला किया है। ऐसा कहा जा रहा है कि कमलेश अग्रवाल निर्दलीय चुनाव का नामांकन जरूर भरेंगे परंतु नाम वापसी के दिन अपना नामांकन वापस ले लेंगे। उल्लेखनीय है कि उत्तर विधानसभा की राजनीति में इस समय हंगामा मचा हुआ है और हंगामें का कारण है अभिलाष पाण्डे को प्रत्याशी बनाया जाना। अभिलाष को लेकर उत्तर विधानसभा के कदवर नेता खुलेआम विरोध कर चुकें है केंद्रीय मंत्री के सामने कार्यालय में झूमाझपटी कर चुकें है।

इस बार दिलचस्प है यह चुनाव

जबलपुर उत्तर विधानसभा सीट पर साल 2018 के चुनाव में कुल 207506 मतदाता थे। इनमें से 50045 वोटर्स ने कांग्रेस के विनय सक्सेना को जिता दिया था। जबकि भाजपा प्रत्याशी शरद जैन को 49467 वोट मिले थे। हार-जीत का अंतर महज 578 वोटों का था।

बगावत के कारण हारी थी भाजपा

जबलपुर उत्तर के वर्तमान विधायक कांग्रेस से विनय सक्सेना हैं। 2018 के चुनाव में भाजपा के शरद जैन 578 वोटों से हार गए थे। शरद जैन 2018 के चुनाव के समय शिवराज सिंह चौहान में मंत्री भी थे, लेकिन हार गए थे। इसी चूनाव में भाजपा के बागी उम्मीदवार धीरज पटेरिया ने शरद जैन का खेल बिगड़ दिया था। चुनाव में धीरज पटेरिया को 29,000 वोट मिले थे। भाजपा के वोट बंटने के कारण ही कांग्रेस के विनय सक्सेना चुनाव जीत गए थे।

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