फिल्मों की सफलता में मार्केटिंग का बड़ा रोल:टीजर-ट्रेलर लॉन्चिंग के पहले बनती है स्ट्रैटजी; RRR के प्रमोशनल कैंपेन में फूंके थे करोड़ों रुपए

हम फिल्मों की सफलता का श्रेय इसकी स्टारकास्ट या डायरेक्टर्स को देते हैं। हमें लगता है कि उनकी वजह से फिल्म हिट हुई है। हालांकि इस बीच हम भूल जाते हैं कि फिल्मों की सक्सेस में इसकी मार्केटिंग का भी बहुत बड़ा रोल होता है। पोस्टर लॉन्च से लेकर, टीजर और ट्रेलर रिलीज की टाइमिंग और स्टार्स के प्रमोशनल इंटरव्यू, ये सारी प्लानिंग एक मार्केटिंग स्ट्रैटजी के तहत की जाती है।

फिल्ममेकर्स इसके लिए मार्केटिंग एजेंसी से संपर्क करते हैं। रील टू रियल के इस नए एपिसोड में हम ‘मैक्स मार्केटिंग’ के फाउंडर वरुण गुप्ता से इसी विषय पर बात करेंगे। वरुण गुप्ता ने फिल्म हनुमान, एनिमल, RRR, बाहुबली, भूल भुलैया-2 और कबीर सिंह जैसी सैकड़ों फिल्म की मार्केटिंग स्ट्रैटजी प्लान की है। वरुण से समझेंगे कि फिल्मों में मार्केटिंग का क्या रोल है और इसका प्रोसेस क्या होता है?

रिलीज डेट नजदीक आने पर मार्केटिंग शुरू कर दी जाती है
वरुण गुप्ता ने कहा, ‘मान लीजिए, किसी फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ। उस पोस्टर से फिल्म की रिलीज डेट और उसका जॉनर वगैरह सब पता चल जाता है। एक या दो दिन बाद लोग इसे भूल जाते हैं। जब फिल्म की रिलीज डेट नजदीक आती है तो हम उसकी मार्केटिंग शुरू करते हैं। टीजर और ट्रेलर किस टाइम पर रिलीज होगा, इसे लेकर प्लानिंग करते हैं। एक्टर्स के इंटरव्यूज किस टाइम पर पब्लिश करने हैं, वो भी हम ही डिसाइड करते हैं।’

कई बार चेंज की गई थी RRR की रिलीज डेट, यह मार्केटिंग ट्रिक था
9 जनवरी 2021 को RRR रिलीज होने वाली थी। इसके बाद पैंडेमिक आ गया। फिर हमने सोचा कि दिवाली 2021 में रिलीज करेंगे। उस वक्त भी ऐसा संभव नहीं हो पाया। अगली डेट 7 जनवरी 2022 रखी गई। उसके पहले तक मैंने एक कैंपेन चलाया था, जो आपको याद होगा। PVR को मैंने PVRRR करा दिया था। इससे फिल्म की मार्केटिंग पर गहरा असर पड़ा था।

2 जनवरी 2022 को मेरे पास अचानक राजामौली सर का कॉल आया। उन्होंने कहा कि अब 7 जनवरी को फिल्म रिलीज नहीं करेंगे। मैं चौंक गया क्योंकि हम लोगों ने सारी मार्केटिंग पहले ही कर ली थी। अब आगे क्या करना है, कुछ आइडिया नहीं था। मुझसे राजामौली सर ने कहा कि अब आगे का कुछ सोचो।

उस वक्त तक जितना प्रमोशन होना चाहिए था, वो हो चुका था। मैं सोच में पड़ गया कि आखिर अब क्या करूं। फिर मैंने राजामौली सर को एक सलाह दी। मैंने उनसे कहा कि नॉर्थ की ऑडियंस रामचरण और जूनियर NTR से ठीक तरह परिचित नहीं है। हमें नॉर्थ के हर बड़े शहर जाना पड़ेगा।

राजामौली सर ने मेरी इस सलाह को माना और नॉर्थ इंडिया में फिल्म का प्रमोशनल कैंपेन शुरू कर दिया। मार्च में फिल्म की रिलीज डेट फाइनल रखी गई। हमने इसे विक्ट्री मार्च का नाम दिया। अंत में जब फिल्म रिलीज हुई तो नॉर्थ से इसे गजब का रिसेप्शन मिला।’

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