नर्मदापुरम! बेटी की गवाही से पिता के हत्यारे को उम्रकैद:BSF से रिटायर्ड कांस्टेबल की गोली मारकर की थी हत्या

नर्मदापुरम में बीएसएफ से रिटायर्ड कांस्टेबल अल्फ्रेड नेरियस की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी कुशमेंद्र सिंह जाटव को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। आरोपी कुशमेंद्र सिंह जाटव भी बीएसएफ अम्‍बासा, त्रिपुरा में कांस्टेबल है। जो यूपी के सीतापुर का रहने वाला है। पिता के हत्यारे को उम्रकैद की सजा दिलाने में 6 साल की अहम भूमिका रही। मासूम बच्ची की हिम्मत और तेज याददाश्त रही। जिसने आंखों के सामने पिता काे गोली लगने व दम तोड़ने के बाद भी डरी नहीं। उसने गोली मारने वाले को पहचाना था। पांच साल बाद प्रकरण में फैसला आया, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

यह था पूरा घटनाक्रम

18 मार्च 2019 की सुबह करीब 7.30 बजे मृतक अल्फ्रेड नेरियस छह वर्षीय बेटी इतिशिया उर्फ ऐनी को पथरौटा नेशनल हाईवे पर एनटीपीसी स्थित स्कूल छोड़ने जाने के लिए निकले थे। कुछ देर बाद अल्फ्रेड की पत्नी इमोरलिन नेरियस भी स्कूल चली गई थीं। आर्डिनेंस फैक्टरी रोड पर रास्ते में अल्फ्रेड की पत्नी के परिचित/ आरोपी लखनऊ सीतापुर निवासी बीएसएफ जवान कुशमेंद्र सिंह ने लिफ्ट मांगी। उसे बैठाकर आगे चले दिए। हाईवे से पहले अल्फ्रेड ने रास्ता बदल अपनी स्कूटर पांडूखेड़ी स्थित प्लाट की तरफ मोड़ ली। आरोपी ने मृतक से पहले उसे हाईवे तक छोड़ने जाने के लिए बार-बार कहा। लेकिन उसने अनसुना कर दिया। दोनों के बीच बहस बढ़ी और आरोपी ने अल्फ्रेड के बाएं कंधे पर गोली मार दी थी और खेत के रास्ते आरोपी भाग निकला। गोली मृतक के कंधे के रास्ते सीधे दिल में घुसने से मौके पर ही अल्फ्रेड ने दम तोड़ दिया था। अल्फ्रेड की पत्नी को सूचना मिली कि उनके पति अल्फेन्ड नेरियस को किसी ने गोली मार दी है। वे स्कूल स्टाफ के साथ पांडूखेड़ी घटनास्थल पर पहुंचीं। रोड पर भीड़ थी। पुलिस के पास बेटी ऐनी खड़ी थी।

बेटी ने पिता के हत्यारे काे दिलाई सजा

जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने इस पूरे प्रकरण में बेटी की गवाही मुख्य रही। बेटी ने पुलिस को और कोर्ट में यह बताया कि उनको सोयाबीन फैक्ट्री के पास कुशमेन्द्र अंकल मिले थे। उन्होंने पापा को रोका। जोर-जोर से बातचीत कर विवाद करने लगे। पापा ने कुशमेन्द्र को फार्म हाउस प्लॉट पर ले जाने के लिए स्कूटी पर बैठा लिया । पांडूखड़ी रास्ते पर कुशमेन्द्र सिंह ने स्कूटी को हिलाकर गिरा दिया तथा बंदूक से पापा के कंधे में गोली मार दी।

यूपी के सीतापुर का है आरोपी, 4 साल चला केस

पथरौटा थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर आरोपी कुशमेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या की धारा 302 का अपराध दर्ज किया था। जो बीएसएफ अंबासा त्रिपुरा में कांस्टेबल था। जो उप्र के सीतापुर जिले में धौंधी गांव में रहने वाला है। हत्या के बाद ट्रक से लिफ्ट लेकर वो भागकर यूपी सीतापुर पहुंच गया था। जिसे पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार कर लाई थी। आरोपी आरक्षक कुशमेन्द्र सिंह जाटव पिता चेतराम जाटव को हत्या के आरोप में द्वितीय जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश इटारसी ललित कुमार झा ने दाेषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। धारा 27 आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष के सश्रम कारावास का दंड मिला।

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