जबलपुर मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्याल:- अधिकृत तौर से छुट्टी लेकर अनाधिकृत रूप से एमयू में डटे रजिस्ट्रार

जबलपुर। मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय(एमयू) के एक दूसरे नंबर के शीर्ष अधिकारी की स्थिति इन दिनों न घर के घाट के… जैसी हो गई है। अधिकृत तौर पर तो उन्होंने एक माह की छुट्टी ले रखी है लेकिन अनाधिकृत तौर पर नियमित रूप से एमयू पहुँच रहे हैं। छात्र संगठनों ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि अर्थिक अनियमितताओं सहित अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए लोकायुक्त और अन्य निकायों को विभिन्न संगठनों द्वारा सौंपी गई शिकायतों के मद्देनजर हालहीं में लोकायुक्त सहित अन्य निकायों ने जांच का जिम्मा डायरेक्टर मेडिकल एज्युकेशन (डीएमई) को सौंपा है। सूत्रों की मानें तो जैसे ही जाँच प्रारंभ हुई इसकी आँच का असर एमयू में दिखाई देने लगा। जाँच प्रारंभ होते ही एमयू के एक शीर्ष अधिकारी ने अधिकृत तौर पर छुट्टी ले ली। यही नहीं छुट्टी के बावजूद वे एमयू में इस तरह सेवाएं दे रहें है जितनी नियमित रहते हुए नहीं दी। सूत्रों के अनुसार करीब ढ़ाई लाख विद्यार्थियों का भविष्य दाँव पर लगा चुका एमयू प्रबंधन अब जाँच के नाम पर मुँह छिपाते फिर रहा है। एमयू के शीर्ष अधिकारी जहाँ एमयू के बाद अब डेंटल काउंसिल में घुसने एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं वहीं उनके दूसरे प्रपँचों में फंसे रहने का फायदा उठाकर एमयू के दूसरे नंबर के शीर्ष अधिकारी जाँच की आँच से बचने आचार संहिता लगने के बाद भी मनमर्जी से छुट्टियों का आनंद ले रहे हैं। छात्र संगठन जहाँ छुट्टी लेकर कार्यालय में अनाधिकृत तौर पर जमे एमयू के द्वितीय शीर्ष अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन कर उनका कृष्ण मुख करने की तैयारी में हैं वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी से इस संबंध में शिकायत करने की भी तैयारी में हैं कि आचार संहिता लगने के बावजूद जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को कैसे और किस आधार पर छुट्टी दी गई। इधर डीएमई ने इस बात की पुष्टि की है एमयू के रजिस्ट्रार के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं जिस पर जाँच की जा रही हैं। मतदान न करने की चेतावनी के बाद भी नहीं चेते एमयू में कथित तौर पर व्याप्त अनियमितताओं के चलते करीब ढ़ाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने आगामी चुनावों में परिजनों सहित मतदान न कर विरोध दर्ज कराने की चेतावनी दी है। आचार संहिता के पहले तक एमयू में छात्र संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी जारी था। इस सबके बावजूद एमयू प्रबंधन प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनना तो दूर की बात उनके भविष्य को बचाने की दिशा में एक भी सकरात्मक कदम नहीं उठा पाया है। सूत्रों की मानें तो प्रदर्शनकारियों की इस तरह अनदेखी के गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। भृष्ट अधिकारी का करेंगे कृष्णमुख एमयू में कथित तौर पर व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ अनेक शिकायतें करने वाले मप्र छात्र संगठन (एमपीएसयू) जांच के दौरान प्रबंधन के द्वीतिय शीर्ष अधिकारी के अधिकृत तौर पर छुट्टी लेकर अनाधिकृत तौर पर कार्यालय में उपस्थित रहने से खासा नाराज हैं। संगठन के अध्यक्ष अभिषेक पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि अधिकृत तौर पर छुट्टी लेकर अनाधिकृत तौर पर कार्यालय में कोई अधिकारी उपस्थित मिला तो उसका कृष्णमुख कर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। नर्सिंग काउंसिल के चक्कर में भूले एमयू सूत्रों के अनुसार एमयू के वरियता में द्वितीय स्थान के अधिकारी जहाँ अनाधिकृत तौर पर कार्यालय में डटे हैं वहीं वरीयता में शीर्ष स्थान पर आने वाले अधिकारी का एमयू से मोहभंग हो चुका है। वे किसी भी तरह एमयू छोड़ डेंटल काउंसिल में पैठ बनाने एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। उनके नर्सिंग काउंसिल के चक्कर में एमयू की अनदेखी का असर एमयू में दिखाई देने लगा है। की जा रही है जाँच एमयू के रजिस्ट्रार पुष्पराज सिंह के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं जिस पर जाँच की जा रही है। अरुण कुमार श्रीवास्तव डीएमई, चिकित्सा शिक्षा विभाग

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