बच्ची से रेप-हत्या के बाद टीचर-छात्राओं में भी दहशत:जबलपुर में आरोपी की तलाश के लिए 150 घर खंगाले; हाईकोर्ट की वकील आगे आईं

जबलपुर में 8 साल की बच्ची से रेप और हत्या का आरोपी को पुलिस 10 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। घटना के बाद गांव के स्कूल की छात्राएं और टीचर भी दहशत में है। एक महिला टीचर तो कुछ दिन तक स्कूल नहीं आई।

आरोपियों की तलाश में पुलिस की 9 टीमें 150 से ज्यादा घर खंगाल चुकी हैं। 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। दूसरी तरफ महिलाओं ने भी आंदोलन शुरू कर दिया है। लोगों ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दिलवाने की मांग की है।

26 मार्च को पनागर थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव में बच्ची की रेप के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश तालाब में मिली थी। लोगों को शक है कि किसी शराबी ने वारदात को अंजाम दिया है। नाराज लोगों ने शराब दुकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। पुलिस ने हालात काबू में किए। 27 मार्च को गुस्साए लोगों ने चक्काजाम भी किया था।

स्कूली छात्राएं ही नहीं, टीचर भी डर रहीं

वारदात के बाद पड़रिया समेत 6 से ज्यादा गांवों की लड़कियों और महिलाओं में दहशत है। आलम यह है कि स्कूली छात्राओं के साथ महिला टीचर भी अब पनागर चौराहे से होकर स्कूल जाने से डर रही हैं।

स्कूल के प्राचार्य सुशीला कुरवेते ने बताया कि घटना के बाद से स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं में डर है। बच्चियां घर से अकेले निकलने में डर रही हैं।

जनवादी महिला समिति ने SP से की शिकायत

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की कार्यकर्ताओं ने बुधवार को एसपी आदित्य प्रताप सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें रेपिस्ट और हत्यारों को गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा दिलाने की मांग की है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की वकील अंजना कुरारिया के नेतृत्व में महिलाएं एसपी ऑफिस पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर पुलिस के तुरंत न पहुंचने के कारण आरोपियों ने सबूत मिटा दिए। आरोप है कि पीड़ित मजदूर परिवार है। इस वजह से प्रशासन में संवेदना नहीं। जानबूझकर उपेक्षा की जा रही है।

बच्ची से रेप-मर्डर के बाद लड़कियों का बाहर निकलना बंद

जबलपुर में 8 साल की मासूम से रेप और मर्डर की वारदात को 6 दिन बीत चुके हैं। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। अब गांव में ऐसी दहशत है कि लोगों ने बेटियों का घर से निकलना बंद कर दिया है। परिजन अपने बच्चों को आंगनवाड़ी भी नहीं भेज रहे हैं

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