MP में 5 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन:चुनाव आयोग बोला- 5000 पोलिंग बूथ को मैनेज करेंगी महिलाएं, बुजुर्ग-दिव्यांगों को घर से वोटिंग की सुविधा

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर 5 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 11 सितंबर तक मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। इस बार मतदान में फीमेल पार्टिपिशेन बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। करीब 50 % से ज्यादा पोलिंग बूथ पर वेब कास्टिंग की जाएगी। 5000 पोलिंग बूथ महिलाओं द्वारा मैनेज किए जाएंगे। यहां सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही रहेंगी। वरिष्ठ नागरिकों को घर से वोटिंग की सुविधा मिलेगी। ऐप के जरिए बूथ पर अनियमितताओं की शिकायत की जा सकेगी।

बुधवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें आयोग ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। पिछले दो दिन तक भारत निर्वाचन आयोग की फुल बेंच ने पिछले दो दिन से प्रदेश भर के अफसरों के साथ बैठक की।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (AERO) युवाओं के लिए नियुक्त किए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि जो कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगेंगे, वे घर जाकर वोट नहीं कर पाएंगे। उन्हें केंद्र पर ही वोट करना होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की फुल बेंच ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तैयारियों की जानकारी दी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की फुल बेंच ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तैयारियों की जानकारी दी।

महिलाओं पर होगा फोकस

चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार महिलाओं पर खास फोकस रखा गया है। 108 विधानसभाएं ऐसी हैं, जहां सेक्स रेश्यो 936 से कम है, इसलिए 920 पोलिंग बूथ को चिन्हित किया है, जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत 10%से कम है। 6,920 पोलिंग स्टेशन में फीमेल पार्टिसिपेशन बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही, 5 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ पर महिलाएं ही रहेंगी। यहां सुरक्षाकर्मी भी महिला ही रहेंगी।

बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर से वोटिंग की सुविधा

वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से वोट करने की सुविधा दी है। नामांकन के 5 दिन में यदि फॉर्म 12 D भरेंगे, तो घर से वोटिंग की सुविधा मिलेगी। इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। यही सुविधा दिव्यांगों को भी देने का फैसला किया है। इस सुविधा को बुक करने के लिए ‘सक्षम’ ऐप पर बुकिंग करनी होगी।

18 लाख 86 हजार पहली बार वोट डालेंगे

प्रदेश में कुल 5.52 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 2 करोड़ 85 लाख पुरुष, 2 करोड़ 67 लाख महिला वोटर, 1336 ट्रांसजेंडर वोटर हैं। वहीं, 4 लाख 85 हजार दिव्यांग वोटर हैं। 80 साल से ऊपर मतदाताओं की संख्या 7.50 लाख है। वहीं, 100 साल से ज्यादा उम्र वाले 6,180 वोटर हैं। 18 लाख 86 हजार मतदाता पहली बार वोटिंग करेंगे। 75,426 सरकारी कर्मचारी वोटर हैं।

चुनाव आयोग ने प्रजेंटेशन के जरिए पूरी जानकारी दी।
चुनाव आयोग ने प्रजेंटेशन के जरिए पूरी जानकारी दी।

ऐप के जरिए होगी शिकायत

चुनाव आयोग के cVIGIL नाम के मोबाइल ऐप के माध्यम से कोई भी शिकायत कर सकता है। इसके लिए मोबाइल से फोटो या टेक्स्ट मैसेज करना होगा। उसकी लोकेशन कंट्रोल रूम पर देखी जा सकेगी। लोकेशन के आधार पर आसपास मौजूद टीम 15 मिनट में पहुंच जाएगी। प्रलोभन देने लेने की सूचना हो, शराब के लिए पैसे बांटने समेत अन्य शिकायतें इस पर की जा सकती हैं। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

वन नेशन-वन इलेक्शन पर चुनाव आयोग बोला- हम हमेशा तैयार

आयोग ने कहा कि चुनाव आयोग की स्थापना संविधान के आर्टिकल 324 के अनुसार हुई थी। हमारा काम चुनाव समय से पहले डिलीवर करना है। वह समय संविधान और आरबीआई एक्ट में नए थे। आर्टिकल 882 कहता है कि 5 साल पूरे होने पर चुनाव कराए जाएं। इसी के आर्टिकल 40 में लिखा है कि 6 महीने पहले उसे अनाउंस कर सकते हैं। जो 5 साल का समय है, उसके 6 महीने पहले चुनाव कराए जा सकते हैं। संविधान में के अनुसार हम हमेशा चुनाव कराने के लिए तैयार हैं।

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