RDVV ने बढ़ाया संबद्धता शुल्क:कॉलेजों पर पड़ा फीस का बोझ; तीन गुना तक बढ़ा शुल्क

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्विधालय ने अचानक ही कालेज़ों की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। शुल्क बढ़ाने के बाद छात्रों पर अब दबाव बनाया जा रहा है। विश्वविद्यायल ने कालेजों को मनाने के लिए तीन किश्त का विकल्प रखा है। विश्विधालय में शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख भी पांच मार्च तक बढ़ाई गई है। विश्वविद्यालय और कालेजों के बीच पिछले साल से जारी संबंद्धता शुल्क बढ़ोतरी को लेकर धधकने लगी है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने सालाना संबंद्धता शुल्क में बेतहाशा इजाफा कर दिया है।

शुल्क में तीन गुना तक बढ़ोतरी की गई है। जिले के कई कालेज़ों ने शुल्क बढ़ोतरी का विरोध करना शुरू कर दिया हैं, हालांकि खुलकर कुछ भी कालेज कहने से बच रहे हैं। वही विश्वविद्यायल का कहना है कि वित्तीय हालात को सुधारने के लिए शुल्क बढ़ाई जा रहीं हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 28 फरवरी संबंद्धता शुल्क आनलाइन जमा करने की तारीख तय की गई थी लेकिन कालेजों ने शुल्क नहीं जमा किया जिसके बाद प्रशासन ने पांच मार्च तक तिथि बढ़ा दी है।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने कालेज़ों के बोझ को कम करने के लिए प्रशासन तीन किश्त में शुल्क जमा करने का विकल्प भी देने पर विचार कर रहा है। दरअसल कालेजों को बताया गया है कि संबंद्धता शुल्क अधिकतम 10-20 प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन विश्वविद्यायल की समन्वय समिति से बढ़ोतरी 400 से 600 प्रतिशत तक हो गई है। जिस वजह से कालेजों की वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है। कालेज अब विद्यार्थियों पर यह बोझ डालने की तैयारी में है।

जानकारी के मुताबिक कई जगह फीस तक बढ़ा दी गई है। जो कालेज अभी विद्यार्थियों से फीस में रियायत देते थे उन्होंने भी तेजी से शुल्क जमा करने का दवाब बनाना शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुल्क बढ़ाने की वजह से समन्वय समिति का निर्णय बताया है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपति राज्यपाल के आधीन बैठक करते हैं जिसे समन्वय समिति कहा जाता है इस समिति के फैसले सभी विश्वविद्यायल पर लागू होता है।

विश्वविद्यालयों ने संबंद्धता शुल्क अभी एक मुश्त विषयवार लेता था लेकिन अब सीट के आधार पर शुल्क लागू किया गया है। 60 सीट के लिए शुल्क है इससे अधिक सीट पर अलग शुल्क कालेजों को देना होगा। इस वजह से कालेजों की आमदनी पर असर आ रहा है। अशासकीय महाविद्यालयीन संगठन ने इस संबंध में लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर विरोध किया है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

बरकताउल्ला विश्वविद्यायल भोपाल ने किस्त में संबंद्धता शुल्क जमा करने की सुविधा दी है बताया जा रहा है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने भी इस विकल्प को देने का मन बना लिया है। पहले पांच मार्च तक शुल्क की सुविधा दी गई है।

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