सीएम मोहन की सरकार में 38 विभागों पर बंदिश, शिवराज की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर चली कैंची

प्रदेश में डॉ मोहन यादव की सरकार बनने के साथ ही वित्त विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता वाली दो दर्जन से अधिक योजनाओं पर कैंची चला दी है। इसके लिए वित्त विभाग ने 38 विभागों की अलग-अलग योजनाओं पर वित्त विभाग की अनुमति लिए बिना किसी तरह का खर्च करने या भुगतान करने पर रोक लगा दी है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, महाकाल परिसर विस्तार योजना, खेलों को प्रोत्साहित करने संबंधी सभी योजनाएं, आधा दर्जन से अधिक पुरस्कार योजनाएं, मंत्रियों अफसरों के बंगलों की मरम्मत, पीएम सड़क योजना, आदिवासियों से संबंधित योजनाएं, हवाई पट्टी विस्तार, किसानों के लिए संचालित मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना समेत कई योजनाओं पर काम के लिए पहले वित्त विभाग की परमिशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

श्रद्धालुओं के हितों की ये योजनाएं प्रभावित

महाकाल परिसर विस्तार, तीर्थ दर्शन योजना के काम रुकेंगे। वित्त विभाग की रोक के बाद नगरीय विकास विभाग द्वारा उज्जैन में किए जा रहे महाकाल परिसर विस्तारीकरण और धार्मिक न्यास व धर्मस्व विभाग द्वारा चलाई जा रही तीर्थ दर्शन योजना के काम बगैर परमिशन करने पर भुगतान नहीं हो सकेंगे।

खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के सभी काम अटकेंगे

खेल और युवक कल्याण विभाग की खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, खेलो इंडिया एमपी, स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण, ओलंपिक 2024, मप्र खेल प्राधिकरण को अनुदान, अखिल भारतीय सिविल सेवा खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी प्रदेश की खस्ताहाल वित्तीय व्यवस्था का असर पड़ा है।

औद्योगिक निवेश के कामों पर भी असर

औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा किए जाने वाले भू अर्जन, सर्वे, डिमार्केशन, सर्विस चार्ज के काम भी अटकेंगे। इन योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए विभाग को वित्त विभाग की परमिशन अनिवार्य कर दी गई है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग प्रदेश में आईटी पार्क और विज्ञान पार्क, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क, सीएम एक्सीलेंस अवार्ड के लिए पहले वित्त विभाग को अनुमति संबंधी फाइल भेजेगा। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उद्योग संवर्धन नीति 2014 में पूंजी और ब्याज अनुदान, सौर ऊर्जा पार्क विस्तार, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योगों का अधोसंरचना विकास भी परमिशन के दायरे में शामिल किया गया है।

इन विभागों का परिसंपत्ति संधारण रुकेगा

जीएडी, कमर्शियल टैक्स, खनिज साधन, ऊर्जा, श्रम, जल संसाधन, पीएचई, पंचायत और ग्रामीण विकास, विधि और विधायी कार्य, योजना, आर्थिक सांख्यिकी, लोक सेवा प्रबंधन, संसदीय कार्य विभाग, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, परिवहन और जेल विभाग के द्वारा किए जाने वाले विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण करने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद इन विभागों में मरम्मत संबंधी काम बगैर अनुमति नहीं चलाए जा सकेंगे।

पुरस्कार और सम्मान देने पर भी बंदिश

गृह विभाग द्वारा गैलेंट्री अवार्ड (पुलिस पदक) देने, पुत्र पुत्रियों को प्रतिरक्षा में भर्ती कराने वाले माता पिता को सम्मान निधि और पुरस्कार देने, थानों के सुदृढ़ीकरण के अलावा कमर्शियल टैक्स विभाग द्वारा दिए जाने वाले भामाशाह पुरस्कार के लिए विभाग प्रमुखों को वित्त विभाग की परमिशन लेना अनिवार्य किया गया है। परिवहन विभाग की ग्रामीण परिवहन नीति का क्रियान्वयन भी रुक जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत दिए जाने वाले सीएम एक्सीलेंस अवार्ड, कोविड 19 उपचार और प्रबंधन (राज्य सहायता) के लिए भी अनुमति लेना होगा।

किसानों से संबंधित ये काम होंगे प्रभावित

कृषि विकास विभाग की एक जिला एक उत्पाद योजना, निजी एजेंसियों, ठेकेदार द्वारा किसानों के खेतों पर सफल नलकूप खनन पर सहायता दिए जाने, सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना संचालित किए जाने, प्राथमिक साख सहकारी समितियों को प्रबंधकीय अनुदान, सहकारी बैंकों को अंशपूंजी देने का काम सीधे तौर पर विभागों द्वारा नहीं किया जा सकेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर के इन कामों पर भारी असर

वित्त विभाग की बंदिश के बाद नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा कराए जाने वाले मेट्रो रेल, एमपी अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (विश्व बैंक से सहायता प्राप्त), एमपी अर्बन सर्विसेस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (एडीबी) और इसका एडीबी फेस टू, एमपी अर्बन सैनिटेशन एंड एनवायरनमेंटल सेक्टर प्रोग्राम (एमपीयूएसईपी) के काम वित्तीय संकट के चलते परमिशन नहीं मिलने पर रुक जाएंगे। लोक निर्माण विभाग द्वारा एफ टाइप और इससे नीचे की कैटेगरी वाले शासकीय आवासों की मरम्मत, मंत्रियों-अफसरों के बंगलों के मरम्मत, क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण, भारतीय सड़क कांग्रेस को अनुदान देने का काम वित्त विभाग की अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा। ग्रामीण विकास विभाग को प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनने वाली सड़कों के निर्माण व उन्नयन तथा विकास भवन के काम के लिए अनुमति लेना होगी। विमानन विभाग हवाई पट्टियों के विस्तार और निर्माण तथा भू अर्जन का काम सीधे तौर पर नहीं कर सकेगा। साथ ही आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण और मसाला क्षेत्र विस्तार के काम भी प्रभावित होंगे।

स्कूल संबंधित इन स्कीम पर इफेक्ट

वित्त की परमिशन अनिवार्य किए जाने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आरटीई के अंतर्गत शासकीय विद्यालयो को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति, निशुल्क पाठ्य सामग्री का वितरण, छात्रावासों की स्थापना, निर्माण और संचालन, माडल स्कूलों की स्थापना और संचालन, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षण और आवास व्यवस्था का काम प्रभावित होना तय है। साथ ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटाप दिए जाने, व्यवसायिक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए स्पेशल ट्रेनिंग, खेलकूद परिसर का निर्माण, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक गतिविधियां, प्राथमिक स्तर पर मानिटरिंग के लिए फंड, एक्रिडेशन आफ स्कूल, स्काउट गाइड एक्टिविटी, योग आयोग की स्थापना, शैक्षिक अभ्युत्थान, राष्ट्रीय शैक्षिक कल्याण प्रतिष्ठान एमपी, समरसता छात्रावास, बीएड कालेज और डाइट के भवनों में अतिरिक्त निर्माण, एनसीसी विकास और सुदृढ़ीकरण, अंग्रेजी शिक्षा पढ़ाई संस्थान भोपाल, जबलपुर में विस्थापित भवन निर्माण (पीएसएम परिसर) के काम के लिए फाइनेंस की सहमति जरूरी कर दी गई है।

आदिवासियों की इन योजनाओं पर असर

वित्त विभाग की बंदिश के बाद जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आदिवासियों के लिए चलाई जा रही राजा संग्राम सिंह पुरस्कार योजना, टंट्या भील मंदिर जीर्णोद्धार, आदिवासी पंचायतों के लिए बर्तन प्रदाय योजना का काम प्रभावित होगा। सामाजिक न्याय विभाग कृत्रिम अंग उपकरण वितरण योजना और खाद्य विभाग खाद्यान्न भंडारण गारंटी योजना के लिए वित्त को अनुमति फाइल भेजने के बाद ही निर्णय कर सकेगा। पर्यटन विभाग पर्यटन अधोसंरचना योजना, जल संसाधन विभाग सिंचाई और बिजली केंद्रीय मंडल व लोक निर्माण पेशगियों संबंधी काम के लिए पहले वित्त को फाइल भेजेगा और अनुमति के बाद काम कर सकेगा।

उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के ये काम प्रभावित

वित्त विभाग की परमिशन के लिए उच्च शिक्षा विभाग की मप्र में उच्च शिक्षा में सुधार, महाविद्यालयों में खेलकूद प्रोत्साहन, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजने संबंधी निशुल्क शिक्षा योजना का काम शामिल किया गया है। साथ ही पुस्तकालय विकास, आधुनिक तकनीक से शिक्षण व्यवस्था, प्रोत्साहन योजना, नवीन संकाय खोलने के लिए अनुदान, मप्र सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान को सहायता, शासकीय कालेज में भवन निर्माण के लिए अनुमति लेना होगा। तकनीकी शिक्षा विभाग को व्यवसायिक परीक्षा सुदृढ़ीकरण और विस्तार, मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना, जाब फेयर और कैरियर काउंसलिंग, बुक बैंक की स्थापना, तकनीकी उत्कृष्टता केंद्र योजना, जनभागीदारी के आधार पर रोजगार कार्यालयों का आधुनिकीकरण, सीएम एक्सीलेंस अवार्ड, प्रदेश में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नालाजी की स्थापना, कौशल विकास एडीबी परियोजना, स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना, तकनीकी शिक्षा अंतर्गत पूंजीगत परिव्यय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के भवन निर्माण के लिए फाइनेंस की परमिशन जरूरी की गई है।

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