कांग्रेस छोड़ निर्दलीय चुनाव में उतरे संजीव बरकड़े:बोले, मेरा कोई ऊपर नेता नही था

15 सालों से कांग्रेस में रहकर पार्टी के लिए काम कर रहे डॉक्टर संजीव बरकड़े को पार्टी ने इस बार भी साइडलाइन कर दिया। सिहोरा से एकता ठाकुर को जैसे ही कांग्रेस ने टिकट देते हुए पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया, तो उनकी नाराजगी बाहर आ गई। संजीव बरकड़े ने कांग्रेस छोड़ते हुए सिहोरा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। 2 नवंबर नाम वापसी वाले दिन तक कांग्रेस के दिग्गज नेता उन्हें मानते रहे। पर उन्होंने नामांकन फार्म वापस नही लिया। और चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।

सिहोरा विधानसभा में संजीव बरकड़े के चुनाव मैदान में उतरने के बाद अब माना जा रहा है, कि यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। आदिवासी बाहुल्य इस सीट से भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष बरकड़े को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने एकता ठाकुर को टिकट दी है। डॉ संजीव बरकड़े कांग्रेस से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। संजीव बरकड़े ने बताया कि मैं कांग्रेस से 15 सालों से जुड़ा हुआ हूं। पार्टी के हर कार्यक्रम में बराबर शामिल भी होता रहा हूं। मुझे बहुत उम्मीद थी कि संगठन इस बार मुझे ही टिकट देगी।क्योंकि यह कहा जा रहा था कि संगठन इस बार सिर्फ जिताऊ प्रत्याशी को ही मैदान में उतरेगी। इस बार प्रत्याशियों को चुनावी में उतरने के लिए दिल्ली और भोपाल से निर्णय लेकर स्थानीय सर्वे के मुताबिक ही टिकट दी जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस बार भी वही हुआ जो कि इससे पहले होता आया है। पार्टी ने एक ऐसे नेता को टिकट दे दिया जिसका जनाधार बहुत कम है।

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