सिहोरा विधानसभा: मान गई कौशल्या, एकता ने ली राहत की सांस

जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है, नाम वापसी का समय भी समाप्त हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों में बागियों ने प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ाई है, कुछ हद तक तो बागी मान गए परंतु प्रदेश के कुछ जिलों में बागी अपने निर्णय से टस से मस नहीं हुए। जबलपुर की सिहोरा विधानसभा की बात करें तो यहां पूर्व केबिनेट मंत्री कौशाल्या गोटिया ने टिकिट नहीं मिलने पर निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। कौशाल्या के नामांकन दाखिल करने से कांंग्रेस प्रत्याशी एकता की मुश्किलें बढ़ गई थी क्योंकि कौशाल्या एक चर्चित और आदिवासियों का प्रमुख चेहरा है इसलिए एकता को लग रहा था कि अगर कौशाल्या गोटिया खड़ी होती है तो चुनाव के परिणाम कुछ भी हो सकते हैं। हालांकि ये नौबात आ पाती इससे पहले राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर पहुंचकर बागियों को मानने का सिलसिला शुरू कर दिया जिसमें कौशाल्या गोंटिया को भी मानने में श्री तन्खा मानने सफल रहे। कौशाल्या के मान जाने के बाद एकता ने राहत की सांस ली और अपनी जीत सुनिश्चित समझी।

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