आवारा कुत्तों का आतंक:स्कूल से लौट रहे 2 मासूमों पर कॉलोनी में ही 4 आवारा कुत्तों ने किया हमला, बुरी तरह घायल

आवारा कुत्तों का आतंक बच्चों पर भारी पड़ रहा है। मंगलवार को चार आवारा कुत्ताें ने स्कूल से लौट रही एक बच्ची और एक बच्चे पर हमला कर दिया। इस हादसे में दोनों मासूम गंभीर जख्मी हुए हैं। बताया गया है कि समरधा स्थित सिग्नेचर एस-9 निवासी पांच साल की परख राय और यहीं रहने वाला सात वर्षीय लक्ष्य पवार दोपहर में करीब 2.30 बजे स्कूल से घर लौट रहे थे। स्कूल बस ने दोनों बच्चों को कॉलोनी के क्लब हाउस के पास छोड़ा था। यहां से बच्चों का घर करीब 200 फीट की दूरी पर है। वे घर की तरफ बढ़ रहे थे तभी चार आवारा कुत्तों ने बच्चों पर हमला कर दिया।



बच्चों की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह कुत्तों को भगाया। कुत्तों के हमले में दोनों बच्चों के पैर में गंभीर घाव हुए हैं। परिजन बच्चों को लेकर पहले मंडीदीप सरकारी अस्पताल पहुंचे, वहां से उन्हें जेपी अस्पताल लाकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाए और ड्रेसिंग कराई गई। परख के पिता मनीष राय ने बताया कि कॉलोनी में 10 से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं, जो आए दिन लोगों पर लपकते हैं।

अमले ने 25 कुत्ते पकड़े

नगर निगम का आवारा कुत्ते पकड़ने का अभियान मंगलवार को भी चला। अमले ने वल्लभ भवन और चार इमली समेत आसपास के क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 25 कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर भेजा गया।

3 पेट लवर्स पर एफआईआर

राेहित नगर स्थित लक्ष्मी परिसर के रहवासियों ने पेट लवर्स समेत तीन लोगों पर शाहपुरा थाने में प्रकरण दर्ज कराया है। कॉलोनी में कुत्तों ने 25 से 27 दिसंबर के बीच 3 लोगों को काटा तो कॉलोनी वालों ने निगम की डॉग स्क्वायड में शिकायत की। 31 दिसंबर को निगम अमला कुत्ते पकड़ने पहुंचा तो पेट लवर्स बिंदु घाटपांडेय, अंकित मिश्रा और श्वेता मिश्रा ने कुत्ते नहीं पकड़ने दिए और विवाद किया था।

रैबीज के इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या में इजाफा

शहर में कुत्तों के हमलों की घटनाओं में खासा इजाफा हुआ है। जेपी अस्पताल में ही मंगलवार को 41 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन का पहला डोज लगवाने पहुंचे। 96 लोगों को दूसरा और तीसरा डोज लगाया गया।

इसलिए बढ़ रहे हैं डॉग बाइट के मामले

  • गर्मी ही नहीं ठंड से भी अग्रेसिव होते हैं कुत्ते, क्याेंकि इन्हें रात में बैठने के लिए उचित जगह नहीं मिल पाती।
  • यह कुत्तों का प्रजनन काल होता है। फीमेल डॉग के साथ छोटे-छोटे बच्चे होते हैं, इनको लेकर वे असुरक्षित महसूस करती हैं और हमलावर हो जाती हैं।
  • कुत्तों की आबादी में लगातार इजाफा हो रहा है, इस कारण कुत्तों को ना तो भरपेट खाना मिल रहा है और ना पानी इस कारण भी कुत्ते हमले कर रहे हैं।

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