जब दिग्गी के थानेदार ने रोक दी थी PM मोदी की कार! चेतावनी के बाद भी नहीं माना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर 73 वां जन्मदिन है. अपने लंबे राजनीतिक करियर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम पद जैसा मुकाम हासिल किया. बता दें कि अपने लंबे करियर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश की धरती पर भी काम किया. भाजपा के संगठन में काम करते हुए उनको एमपी की जिम्मेदारी भी मिली थी तो चलिए पीएम मोदी के जन्मदिन पर आइए आपको बताते हैं पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा, जब वह मध्य प्रदेश के प्रभारी थे. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना करते रहते हैं. अपने भाषणों में दिग्विजय प्रधानमंत्री पर निशाना साधने से नहीं चूकते. वहीं, पीएम मोदी ने कई बार दिग्विजय पर वार किया है. हालांकि, उनके रिश्ते में लंबे समय से चली आ रही यह कड़वाहट 1990 के दशक की है जब दिग्विजय एमपी के सीएम थे और मोदी बीजेपी के राज्य प्रभारी थे.

 

 

1998 का है किस्सा
बता दें कि घटना विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश भाजपा के प्रभारी के रूप में मोदी के कार्यकाल के दौरान 1998 की है. रायपुर से भोपाल लौटते हुए और हवाईअड्डे से भाजपा कार्यालय जाते समय मोदी की कार हमीदिया अस्पताल के पास एक चौराहे पर रुकी. उनके साथ दो कारों में कई पत्रकार भी थे. रुकने की वजह मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का काफिला निकलना था, जिससे चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल करना पड़ा.

मोदी के ड्राइवर ने पुलिस अधिकारी को उन्हें जाने देने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने. जब मोदी की कार में एक भाजपा कार्यकर्ता ने नरेंद्र मोदी की उपस्थिति का उल्लेख किया तब भी बात नहीं बनी. इसके बाद डराने वाले लहजे में, ड्राइवर ने पुलिस अधिकारी को कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनेगी और  उसके आपको अपने किए का भुगतना पड़ेगा. हालांकि, इस चेतावनी  के बावजूद, पुलिस अधिकारी नहीं माना और मोदी को तब तक इंतजार करना पड़ा जब तक कि दिग्विजय का काफिला चौराहे से नहीं गुजरा.

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