जब वकील की फीस के तौर पर मां के लिए मिली साड़ी, CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनाया पुराना किस्सा

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को वकीलों से बात करते हुए अपने कुछ अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए बताया कि कैसे अच्छे और बुरे दोनों तरह के वकीलों से सबक सीखा जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि युवा वकील के रूप में एक मुवक्किल ने उन्हें उनकी कानूनी फीस के बदले में साड़ी गिफ्ट की थी। मालूम हो कि CJI आज सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के तौर पर नियुक्त युवा वकीलों को संबोधित कर रहे थे।

चीफ जस्टिस ने किस्सा सुनाते हुए कहा, ‘मैं एक बड़े नेता के मामले में पेश हुआ था। वह मुझसे खुश थे कि कैसे मेरे जैसे जूनियर ने केस को संभाल लिया। उन दिनों मैं सोम विहार में एक छोटे से फ्लैट में रहता था। एक दिन वह राजनेता मेरे दरवाजे पर आया। उसने मेरी मां को एक अच्छी सी साड़ी भेंट की।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगली सुबह मैं अपने ऑफिस गया तो सीनियर ने मुझे बताया कि साड़ी ही फीस थी। मैं इस बात को लेकर बहुत निराश हुआ कि एक जूनियर की सराहना नहीं की गई। मगर, बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह वास्तव में मेरी फीस थी।’

सीजेआई ने अपनी वकालत से जुड़ा सुनाया किस्सा
इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने एक और किस्सा सुनाया, जहां पर अधिक मामले मिलने की संभावना तो थी मगर पैसा नहीं। उन्होंने कहा, ‘जब मैं पहली बार बतौर वकील इस अदालत में आया तो एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड गणपुले ने मुझे असिस्ट किया। एक मुवक्किल ने इस दौरान मुझे दिल्ली की कई जगहें घुमाईं और निर्देश दिया कि गणपुले इसे फाइल करेंगे। क्लाइंट ने मुझसे कहा कि मैं आपको और भी कई मामले दूंगा। इस पर गणपुले ने मुझे बताया कि जब कोई मुवक्किल यह कहे तो इसका मतलब है कि इस विशेष मामले में कोई शुल्क नहीं देगा।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि ये उनके अनुभव हैं, जो इस पेशे में आगे बढ़ने में काम आए। उन्होंने युवा वकीलों से सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून बदल रहा है और सीखते रहना होगा। दूसरी ओर, CJI चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एससी के 7 न्यायाधीशों की पीठ शीर्ष अदालत के 1998 के उस फैसले पर पुनर्विचार करेगी, जिसके तहत सांसदों-विधायकों को घूस के बदले संसद और राज्य विधानसभाओं में वोट देने या भाषण देने के लिए अभियोजन से छूट प्रदान की गई थी। SC की वेबसाइट पर अपलोड किए गए नोटिस में कहा गया कि बेंच इस मामले पर 4 अक्टूबर को सुनवाई करेगी।

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