कौन है वो लोग? जो दबाए बैठे हैं 9330 करोड़ रुपये के ₹2000 के नोट… RBI ने जारी किए आंकड़े

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा देश में 2000 रुपये के गुलाबी नोटों करीब 8 महीने पहले सर्कुलेशन से बाहर किया गया था, लेकिन अब तक मार्केट में मौजूद 100 फीसदी नोटों की वापसी नहीं हो सकी है. आरबीआई द्वारा इन 2000 रुपये के नोटों को लेकर अपडेट जारी किया गया है और इन आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी देश में लोग 9,330 करोड़ रुपये मूल्य के गुलाबी नोट दबाए बैठे हैं.

29 दिसंबर तक वापस आ चुके थे इतने नोट
RBI ने साल 2024 की पहले दिन सर्कुलेशन से बार किए गए 2000 रुपये के नोटों को लेकर अपडेट जारी करते हुए बताया कि बंद किए जाने के बाद से अब तक 97.38 फीसदी नोटों की वापसी हो चुकी है. बीते साल 19 मई 2023 को मार्केट में कुल 3.56 लाख करोड़ की मूल्य के 2,000 रुपये के नोट सर्कुलेशन में मौजूद थे, जबकि 29 दिसंबर 2023 को ये आंकड़ा घटकर सिर्फ 9,330 करोड़ रुपये रह गया है. इस हिसाब से देखें तो तो दिसंबर के आखिर तक भी 2.62 फीसदी गुलाबी नोट सर्कुलेशन में थे.

क्लीन नोट पॉलिसी के तहत किए थे बंद
रिजर्व बैंक ने क्लीन नोट पॉलिसी (Clean Note Policy) के तहत 19 मई 2023 को देश के सर्कुलेशन में मौजूद सबसे ज्यादा मूल्य के इस 2000 रुपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया था. इसके बाद केंद्रीय बैंक ने स्थानीय बैंकों और 19 आरबीआई क्षेत्रीय कार्यालयों में इन नोटों को वापस करने और बदलवाने के लिए 23 मई से लेकर 30 सितंबर 2023 तक का समय दिया था. हालांकि, इसके बाद इस डेडलाइन को 7 अक्टूबर 2023 के लिए आगे बढ़ाया गया था.

इंडिया पोस्ट के जरिए करा सकते हैं जमा
इस तारीख के बाद जो 2000 के नोट बचे थे उनके लिए आरबीआई ने 8 अक्टूबर 2023 से रिजर्व बैंक के ऑफिसों बदलवाने की सुविधा को जारी रखा है. यही नहीं केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि सर्कुलेशन से बाहर किए गए ये 2000 रुपये के गुलाबी नोट लीगल टेंडर हैं और 19 RBI Offices, जो कि अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में हैं, उनमें जाने के अलावा जनता अपने नजदीकी किसी भी डाकघर के जरिए इंडिया पोस्ट (India Post) के माध्यम से भी ये नोट जमा करा सकते हैं.

पहली नोटबंदी के बाद पेश हुए थे ये नोट
केंद्रीय बैंक ने 2,000 रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोट नवंबर 2016 में तब पेश किए गए थे, जब सरकार ने चलन में मौजूद 5,00 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला सुनाया था. इसके बाद अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद 2,000 रुपये के बैंक नोट शुरू करने का उद्देश्य पूरा हो गया. आरबीआई ने कहा कि इसलिए, 2018-19 में 2,000 रुपये के बैंक नोटों की छपाई बंद कर दी गई.

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